Apna Ghar bharatpur में मिली बिहार की बुटकी, दंग रह गये घरवाले

Butki from bihar found at Apna Ghar Bharatpur

आंखों झर झर झरते आंसू और रूंधा गला लेकिन चेहरे पर असीमित खुशी का भाव। शायद ये आपको अजीब लगे लेकिन कुछ ऐसा ही नजारा था Apna Ghar bharatpur अपनाघर आश्रम भरतपुर में। आंखों में आंसू लिये और रूंधे गले से बामुश्किल बोलने का प्रयास करते हुए विशुलाल राय ने बताया कि एक बारगी तो कानों पर विश्वास नहीं हुआ जब 2 वर्ष पूर्व उन्हें फोन आया कि आपकी बेटी अपनी 1 वर्षीय बालिका के साथ अपना घर आश्रम भरतपुर में आवासरत है। हम तो मान ही बैठे थे कि अब वह इस दुनिया में नहीं है लेकिन कहते हैं कि जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान होता है और इस नश्वर संसार में वह किसी ने किसी स्वरूप में अपने भक्तों की मदद करता है।

Butki from bihar found at Apna Ghar Bharatpur

अपना घर आश्रम में अपनी पुत्री को लेने आए पिता विशुलाल राय ने बताया कि करीब 4 वर्ष पूर्व बिहार के किशनगंज थाना सुखानी क्षेत्रांतर्गत गांव टाटपौवा की रहने वाली श्रीमती बुटकी मानसिक संतुलन खो जाने की वजह से बिना बताए घर से एक बर्षीय पुत्री को लेकर निकल गई जिसको काफी जगहों पर तलाश किया लेकिन बुटकी का कहीं भी पता नहीं चला। परिजनों ने मान लिया कि उनकी पुत्री श्रीमती बुटकी अब शायद इस दुनिया में नहीं है। श्रीमती बुटकी को सूरत से दिनंाक 14.12.2020 को Apna Ghar अपना घर आश्रम में उपचार एवं पुनर्वास हेतु भर्ती किया गया था। उपचार होने के बाद जब श्रीमती बुटकी को अपनी सुधबुध आई तो उन्होंने अपने परिजनों के बारे में बताया जिस पर 2 वर्ष पूर्व अपनाघर आश्रम से श्रीमती बुटकी के के परिजनों को फोन कर यह जानकारी दी कि उनकी पुत्री अपनाघर आश्रम भरतपुर में आवासरत है, तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दो साल से श्रीमति बुटकी के परिजन आर्थिक हालात ठीक नहीं होने की वजह से यहां आ नहीं सके लेकिन 8 सितंबर 2023 को बुटकी के माता-पिता व भाई अपनाघर आश्रम भरतपुर आए। आश्रम संस्थापक डाॅ. बीएम भारद्वाज ने आश्रम से उनके आने-जाने व रास्ते में आवश्यक कार्यों के लिए आर्थिक मदद देकर श्रीमती बुटकी एवं 1 वर्षीय बालिका कुमारी रीतिका को उनके परिजनों के सुपुर्द किया।
इसी प्रकार एक अन्य महिला श्रीमती बादामी एवं उसके बालक छोटू व बालिका दृष्टि को बिहार स्थित गया से आई मौसी श्रीमती लालमंती देवी व चाचा भीमलदास को सुपुर्द किया गया। परिजनों ने बताया कि श्रीमति बादामी गर्भावस्था में लगभग 2 वर्ष पूर्व मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अपने डेढ वर्षीय बच्चे को लेकर बिना बताए घर से निकल गई। श्रीमती बादामी को दिनांक 05.12.2021 को रूपवास, भरतपुर से अपना घर आश्रम में भर्ती किया गया। आश्रम में उपचार के दौरान श्रीमति बादामी ने एक पुत्री दृष्टि को जन्म दिया और स्वस्थ होने पर अपना पता आश्रम प्रबंधन को बताया। अपना घर की पुनर्वास टीम द्वारा इनके परिजनों को फोन द्वारा सूचना दी गई। इसके बाद उसके परिजन बिहार से अपनाघर आश्रम आए।