आखिर माथे पर ही क्यों लगाते हैं तिलक

Maathe-pe-tilak

mathe pe tilak लगाना न सिर्फ सम्मान का सूचक है बल्कि इसके पीछे समग्र धार्मिक महत्व भी है। माथे पर तिलक लगाने से सकारात्मक उर्जा का प्रवाह तो होता ही है, साथ ही ग्रह शांति भी होती है। भारतवर्ष में चाहे कोई भी त्योहार या धार्मिक आयोजन क्यों न हो, बिना माथे पर तिलक लगाये कोई अनुष्ठान पूर्ण नहीं होता। हालांकि तिलक लगाने के तरीके संपूर्ण भारतवर्ष में अलग अलग होते हैं लेकिन माथे पर बिना तिलक लगाये न तो पूजा की पूर्णता मानी जाती है और न ही अपने आराध्य देवी देवता का पूजन ही संपूर्ण संपन्न माना जाता है।

तिलक लगाने का महत्व

भारतीय रीति रिवाजों के अनुसार यदि mathe pe tilak लगाना किसी भी व्यक्ति को सम्मान से नवाजना है। चाहे वह घर आया मेहमान हो या फिर कोई परंपरागत आयोजन। तिलक लगाने के पीछे एक और बड़ा कारण है और वह यह है कि बतौर ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के माथे पर तिलक लगाने से संपूर्ण शरीर में न सिर्फ सकारात्मक उर्जा का प्रवाह होता है बल्कि कुंडली में व्याप्त अनेक ग्रहों की शांति भी होती है। धर्म शास्त्रों की मानें तो चंदन टीका लगाने से घर अन्न.धन से भरा रहता है। सौभाग्य वृद्धि होती है। यश बढ़ता है और पापों का नाश होता है। यह भी माना जाता है कि सुबह सुबह पूजा पाठ करने के उपरांत जब व्यक्ति अपने माथे पर अपने ईष्ट का स्मरण कर टीका लगाता है तो उसका पूरा दिन आत्मविश्वास व सकारात्मक उर्जा से भरा रहता है।

क्या कहता है स्कंदपुराण

अनामिका शांतिदा प्रोक्ता मध्यमायुष्करी भवेत्।

अंगुष्ठः पुष्टिदः प्रोक्ता तर्जनी मोक्षदायिनी।।

अर्थात हम जिस अंगुली से तिलक करते हैं, उसका फल भी उसी अगुली के अनुसार ही मिलता है यानि अनामिका से तिलक करने पर शांति मिलती है तो मध्यमा से आयु में वृद्धि होती है। वहीं अंगूठे से स्वास्थ्य बढ़ता है और तर्जनी से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

किस दिन लगायें कौनसा तिलक

माना जाता है कि सोमवार को सफेद चंदन का तिलक लगाने से मन शांत रहता है। मंगलवार को चमेली के तेल में सिंदूर घोलकर तिलक लगाने से तो बुधवार को सूखा सिंदूर लगाने से भगवान की कृपा प्राप्त होती है। गुरुवार को पीला चंदन अथवा हल्दी का तिलक लगाना चाहिये। इससे सुख.समृद्धि होती है। शुक्रवार को लाल चंदन अथवा कुमकुम का तिलक माथे पर लगाने से खुशहाली आती है। शनिवार को भस्म टीका धारित करने से जीवन की परेशानियां दूर भागती हैं। रविवार को लाल चंदन लगाना चाहिये, इससे मान.सम्मान और धन में वृद्धि होती है।

एक नजर इस पर भी

भगवान शिव के समान ही प्रत्येक मनुष्य की दोनों भोहांे के बीचोंबीच दिव्य नेत्र होता है जहां तिलक लगाने से नाड़ियों का आज्ञाचक्र जागृत हो जाता है जो मनुष्य की अदृश्य शक्ति को उर्ध्वगामी कर ओज व तेज में बढ़ोत्तरी करता है। माथे पर प्रतिदिन तिलक लगाने से मन मस्तिष्क शांत रहता है और स्मरण शक्ति बढती है।